Punjab School Education Board (PSEB) अब स्कूलों में skill-oriented vocational training को मजबूत कर रहा है, ताकि छात्र dual certificate से लाभ उठा सकें।
PSEB अब स्कूलों में Skill-Oriented Vocational Training को मजबूत करेगा
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) अब राज्य के स्कूलों में skill-oriented vocational training को नए स्तर पर ले जाने की तैयारी में है। इसका मकसद है — छात्रों को सिर्फ अकादमिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि ऐसे व्यावहारिक कौशल (practical skills) देना, जिससे वे रोजगार के लिए भी तैयार हों।
क्या है PSEB का नया कदम
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने हाल ही में घोषणा की है कि वह जल्द ही एक “dual certificate body” के रूप में काम करेगा — यानी अब छात्र academic certificate के साथ-साथ vocational skills certificate भी प्राप्त करेंगे। यह पहल National Skills Qualifications Framework (NSQF) के तहत की जा रही है, जो केंद्र सरकार की Skill India Mission से जुड़ी है।
MoU with Lend A Hand India (LAHI)
इस उद्देश्य को मजबूत करने के लिए PSEB ने Lend A Hand India (LAHI) नामक संस्था के साथ एक समझौता (MoU) किया है। LAHI देशभर में vocational training और industry-linked education के क्षेत्र में अग्रणी संस्था है। इस साझेदारी के तहत स्कूलों में skill labs, teacher training, और career counseling modules शुरू किए जाएंगे।
“हमारा लक्ष्य है कि हर छात्र को कम से कम एक व्यावहारिक कौशल सिखाया जाए ताकि वह आत्मनिर्भर बन सके,” — PSEB अध्यक्ष ने कहा।

Punjab में Vocational Education की मौजूदा स्थिति
- Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में करीब 54% माध्यमिक स्कूलों में vocational या skill-based पाठ्यक्रम पहले से मौजूद हैं — जो राष्ट्रीय औसत (47%) से अधिक है।
- NSDC (National Skill Development Corporation) के डेटा के अनुसार, राज्य में करीब 1.57 लाख लोग (15 वर्ष से अधिक आयु के) औपचारिक vocational training प्राप्त कर चुके हैं।
- हालांकि, स्किल्ड युवाओं की आमदनी अभी भी सीमित है — NSDC की 2018 रिपोर्ट के अनुसार, formal training लेने वालों में से 38% की आय ₹20,000 से ₹50,000 के बीच थी।
- पंजाब सरकार ने 2024–25 तक सभी सरकारी स्कूलों में vocational subjects लागू करने का लक्ष्य रखा है।
यह आंकड़े दिखाते हैं कि पंजाब इस दिशा में अन्य राज्यों की तुलना में आगे है, पर अभी भी समान पहुंच (equal access) एक बड़ी चुनौती है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम National Education Policy (NEP) 2020 की भावना के अनुरूप है, जिसमें “education with employability” पर जोर दिया गया है।
डॉ. परमजीत कौर, शिक्षा विशेषज्ञ (चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी) कहती हैं —
“PSEB का dual certificate मॉडल छात्रों को वास्तविक जीवन की तैयारी देगा। अब पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बच्चों को hands-on learning और industry exposure भी मिलेगा।”
माता-पिता और छात्रों में भी इस पहल को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
लुधियाना की छात्रा रितिका सिंह कहती हैं, “अब हमें सिर्फ बोर्ड परीक्षा की तैयारी नहीं करनी पड़ेगी, बल्कि कोई काम सीखने का मौका भी मिलेगा — यह बहुत जरूरी है।”

क्या बदलेगा इस पहल से?
- रोजगार के अवसर बढ़ेंगे – Dual certificate मिलने से छात्रों को कॉलेज या जॉब के समय अतिरिक्त फायदा होगा।
- Industry-ready workforce बनेगी – NSQF आधारित प्रशिक्षण से छात्रों के कौशल उद्योग की ज़रूरतों के अनुरूप होंगे।
- Dropout rate में कमी आएगी – जब बच्चों को पढ़ाई के साथ कुछ करने की प्रेरणा मिलेगी, तो dropout कम होंगे।
- रोजगार में विविधता – Agriculture, Retail, IT, Tourism, Electrician, और Beauty & Wellness जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण से युवाओं के पास अधिक विकल्प होंगे।
- समानता और समावेशन (Equity) – अगर यह प्रोग्राम ग्रामीण और छोटे स्कूलों में भी लागू होता है, तो यह शिक्षा की खाई को कम कर सकता है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि implementation सबसे बड़ी चुनौती होगी। अगर शिक्षक प्रशिक्षण, उपकरण और उद्योग साझेदारी समय पर नहीं होती, तो यह योजना सिर्फ कागज़ों में ही सीमित रह सकती है।
Challenges भी कम नहीं हैं
- लगभग 46% स्कूलों में अभी भी vocational subjects नहीं हैं।
- डेटा मॉनिटरिंग की कमी: छात्रों के enrollment, pass-out और employment outcomes पर सीमित जानकारी उपलब्ध है।
- महिला छात्रों की भागीदारी: NSDC रिपोर्ट बताती है कि पंजाब में vocational training में महिलाओं की भागीदारी सिर्फ 6% के आसपास है।
- गुणवत्ता और प्रासंगिकता: कई बार स्किल कोर्स outdated या industry demand से मेल नहीं खाते।
Punjab School Education Board की यह पहल आने वाले वर्षों में शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी को कम करने वाला बड़ा कदम साबित हो सकती है।
अगर सरकार, उद्योग और स्कूल मिलकर इस मॉडल को प्रभावी ढंग से लागू करें, तो पंजाब न केवल शिक्षा गुणवत्ता में बल्कि youth employability index में भी आगे निकल सकता है।
जैसा कि Skill India Mission का लक्ष्य है — “Transforming learning into earning” — PSEB का यह प्रयास उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।
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(trusted sources)
- Punjab School Education Board Official Site
- Times of India Original Report
- NSDC Skill India Portal
- National Skills Qualifications Framework (NSQF)





