FSSAI चेतावनी: भारत में बिक रहा 83% पनीर है मिलावटी। जानें असली पनीर कैसे पहचानें और अपने परिवार को नकली पनीर से बचाएं।
FSSAI चेतावनी: पनीर में मिलावट का खतरा
पनीर – भारतीय थाली की शान और बच्चों से लेकर बड़ों तक सबका पसंदीदा। लेकिन FSSAI की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में बिकने वाले पनीर का 83% हिस्सा मिलावटी है।
नकली पनीर में अक्सर पाम ऑयल, यूरिया, स्टार्च और डिटर्जेंट जैसे खतरनाक रसायन मिलाए जाते हैं। यह सिर्फ स्वाद खराब नहीं करता बल्कि हमारी सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
मिलावटी पनीर से होने वाले खतरे
- पाचन संबंधी समस्याएँ: पेट दर्द, गैस, उल्टी और अपच।
- त्वचा पर असर: रैशेज, खुजली और सूजन।
- किडनी और लीवर पर दबाव: लंबे समय तक सेवन से अंग प्रभावित हो सकते हैं।
कैंसर का जोखिम: फॉर्मलिन और अन्य रसायनों के कारण।
घर पर पनीर की शुद्धता की जाँच
FSSAI ने घर पर पनीर की जांच के लिए आसान तरीके बताए हैं:
- आयोडीन टेस्ट:
गर्म पानी में पनीर डालें और आयोडीन टिंचर डालें। अगर रंग नीला हो जाए, तो यह नकली पनीर है। - दिखावट और गंध:
असली पनीर हल्का सफेद और हल्की खुशबू वाला होता है। चिपचिपा, बदबूदार या रंग में भिन्न पनीर मिलावटी हो सकता है।
नकली पनीर से बचने के उपाय
- विश्वसनीय स्रोत से खरीदें: ब्रांडेड डेयरी या FSSAI लाइसेंस वाला पनीर ही खरीदें।
- लेबल चेक करें: उत्पादन और समाप्ति तिथि, FSSAI नंबर देखें।
- घर पर पनीर बनाएं: यह सबसे सुरक्षित विकल्प है।
- खरीदारी के बाद बिल रखें: किसी भी समस्या में यह मदद करेगा।
उपभोक्ताओं की प्रतिक्रियाएँ
- रेखा शर्मा, दिल्ली: “पनीर खाने के बाद पेट में तेज दर्द और उल्टी हुई। अब हमेशा लेबल चेक करती हूँ।”
- अमित यादव, नोएडा: “बाज़ार का पनीर खाकर मेरी त्वचा पर रैशेज निकल आए। घर का पनीर ही अब पसंद है।”
इन अनुभवों से स्पष्ट है कि मिलावटी पनीर सिर्फ स्वाद नहीं बल्कि स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालता है।
FSSAI से शिकायत कैसे करें?
अगर आप नकली पनीर का सामना करते हैं, तो FSSAI पर शिकायत दर्ज करें:
👉 FSSAI शिकायत पोर्टल





