छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस 2025 पर पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा – “भारत हर वैश्विक संकट में सबसे पहले मदद के लिए खड़ा होता है।” रायपुर में आयोजित कार्यक्रमों, ब्रह्माकुमारी भवन उद्घाटन और उनके प्रेरक संदेशों के जरिए भारत की नई वैश्विक पहचान की झलक देखिए।
छत्तीसगढ़ के 25वें स्थापना दिवस पर नया इतिहास रचा गया
1 नवंबर 2025 को जब छत्तीसगढ़ ने अपना 25वां स्थापना दिवस मनाया, तो पूरा प्रदेश उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नया रायपुर (अटल नगर) में आयोजित भव्य समारोह में हिस्सा लिया और राज्य को विकास, संवेदना और संस्कृति के नए युग की शुभकामनाएं दीं।
“Ek Ped Maa Ke Naam” – धरती माँ के नाम एक संकल्प
समारोह के दौरान पीएम मोदी ने पौधारोपण कर “Ek Ped Maa Ke Naam” अभियान को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा –
“एक पेड़ लगाना सिर्फ़ ऑक्सीजन देना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को जीवन देने का प्रण है।”
यह संदेश सिर्फ़ पर्यावरण का नहीं था, बल्कि प्रकृति और मानव के बीच जुड़ाव की आत्मा को दर्शाता था।
ब्रह्माकुमारी शांतिशिखर भवन का उद्घाटन – आत्मशांति और अध्यात्म का संगम
मोदी ने ब्रह्माकुमारी शांतिशिखर भवन का उद्घाटन करते हुए कहा –
“तकनीक हमें जोड़ती है, लेकिन अध्यात्म हमें स्थिर रखता है।”
यह भवन आध्यात्मिकता, महिला सशक्तिकरण और शांति के प्रतीक के रूप में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनेगा।
तीजन बाई और विनोद कुमार शुक्ल से भेंट – छत्तीसगढ़ की आत्मा को नमन
पीएम मोदी ने पद्मविभूषण तीजन बाई और साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल से मुलाकात की। उनसे आशीर्वाद लेकर उन्होंने कहा कि —
“छत्तीसगढ़ सिर्फ़ खनिजों की भूमि नहीं, यह संस्कृति, कला और संवेदना की भूमि है।”
यह मुलाकात भावनाओं से भरी थी — एक प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि एक संवेदनशील भारतीय अपने कलाकारों के सामने झुक रहा था।

बच्चों से मुलाकात – नेता नहीं, एक पिता की ममता
मोदी ने सत्य साई हार्ट केयर हॉस्पिटल जाकर उन बच्चों से मुलाकात की जिनका दिल का इलाज हुआ था। उनकी आंखों में चमक देखकर मोदी ने कहा –
“तुम सब भारत की ताकत हो, तुम्हारी मुस्कान मेरी पूजा है।”
यह दृश्य मानो किसी कहानी से निकलकर हकीकत बन गया हो — राजनीति से परे, इंसानियत का सच्चा रूप।
भारत – “हर संकट में पहला मददगार”
अपने भाषण में पीएम मोदी ने गर्व से कहा —
“India is always the first responder in any global crisis.”
यह बयान भारत की नई वैश्विक पहचान को मजबूत करता है।
चाहे भूकंप पीड़ित देशों को राहत भेजना हो, या कोविड-19 के समय Vaccine Maitri, भारत ने हर बार “मानवता पहले” का संदेश दिया है।
भारत अब सिर्फ़ अपनी सीमाओं तक सीमित नहीं, बल्कि दुनिया के लिए “उम्मीद का दीपक” बन चुका है।
नया भारत – संवेदना, शक्ति और संस्कार का संगम
छत्तीसगढ़ की धरती से उठी यह आवाज़, भारत के नए युग का प्रतीक है। आज भारत न सिर्फ़ टेक्नोलॉजी पॉवर है, बल्कि मानवता की सुपरपॉवर भी बन रहा है।
मोदी ने कहा —
“हम वो लोग हैं जो संकट में भी सेवा करते हैं, और सफलता में भी विनम्र रहते हैं।”
यह भारत का मानवीय चेहरा है — जो दिल से सोचता है, कर्म से करता है, और बिना शोर किए दुनिया को बदलता है।
छत्तीसगढ़ – संस्कृति, संकल्प और संभावना की भूमि
25 साल में छत्तीसगढ़ ने यह दिखा दिया कि विकास सिर्फ़ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं। आज यह राज्य शिक्षा, उद्योग, पर्यटन और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है। मोदी का यह संदेश पूरे देश के लिए प्रेरणा है कि —
“अगर इरादा साफ़ हो, तो छोटे राज्य भी बड़ा इतिहास रच सकते हैं।”
भारत की नई पहचान – एक संवेदनशील विश्वगुरु
पीएम मोदी का यह दौरा सिर्फ़ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं था, बल्कि भावनाओं, प्रेरणा और जिम्मेदारी का संगम था। भारत अब दुनिया को यह दिखा चुका है कि जब कोई संकट आता है, तो सबसे पहले एक देश उठता है —और वह देश है भारत





